अपना पहला रत्न चुनना: सुरक्षा को प्राथमिकता देने वाली मार्गदर्शिका
रत्न किसी ग्रह के प्रभाव को बढ़ाते हैं — जो तभी अच्छा है जब वह सही ग्रह हो। खरीदने से पहले इसे ज़रूर पढ़ें।
एक रत्न उस ग्रह को मजबूत करता है जिसका वह प्रतिनिधित्व करता है। सही ढंग से पहना जाए तो यह किसी कमजोर शुभ ग्रह को सहारा दे सकता है; लापरवाही से पहना जाए तो यह किसी ऐसे ग्रह के प्रभाव को बढ़ा सकता है जिसे शांत ही रहने देना बेहतर होता। कोई भी रत्न पहनने से पहले तीन नियम। पहला, कुंडली का विश्लेषण करवाएँ — जो रत्न एक व्यक्ति की मदद करता है, वही दूसरे को परेशान कर सकता है। दूसरा, आकार से ज्यादा गुणवत्ता मायने रखती है: एक छोटा, स्वच्छ, प्राकृतिक रत्न किसी बड़े लेकिन दोषपूर्ण रत्न से बेहतर परिणाम देता है। तीसरा, इसे सही अंगुली, धातु और दिन पर ऊर्जावान करके धारण करें। पुष्टि हो जाने के बाद ही मोती या पुखराज जैसे अपेक्षाकृत सुरक्षित विकल्पों से शुरुआत करें, और जहाँ परंपरा अनुमति दे वहाँ हमेशा पहले ट्रायल के तौर पर पहनकर देखें। नीलम और गोमेद को बिना गहन विश्लेषण के कभी नहीं पहनना चाहिए।