कुंडली मिलान: 36 गुण केवल आधी कहानी क्यों हैं

उच्च गुण स्कोर होने पर भी यदि सप्तम भाव पीड़ित हो तो कठिनाई बनी रह सकती है। जानिए एक संपूर्ण अनुकूलता जाँच में क्या-क्या शामिल होना चाहिए।

अष्टकूट गुण मिलान आठ कारकों को 36 अंकों में से मापता है — यह एक मूल्यवान पहला फिल्टर है, लेकिन फिल्टर ही है। एक संपूर्ण मिलान में मंगल दोष और उसके निवारण, दोनों कुंडलियों में सप्तम भाव और उसके स्वामी, शुक्र और बृहस्पति की स्थिति, तथा दोनों साथियों की आने वाली दशाओं की भी जाँच की जाती है। 28 गुणों वाली दो कुंडलियाँ भी कठिनाई में पड़ सकती हैं यदि दोनों साथ ही कठिन दशाओं में प्रवेश करें; वहीं मजबूत सप्तम भाव वाला 22-गुण मिलान भी फल-फूल सकता है। हमारा दृष्टिकोण: पहले गुणों का स्कोर निकालें, फिर दोनों कुंडलियों को जीवंत दस्तावेज़ों की तरह पढ़ें। विवाह समय, स्वभाव और कर्म का विषय है — जीवनभर के इस फैसले से पहले पूरी तस्वीर पर ध्यान देना जरूरी है।

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