हनुमान

हनुमान अंजना और केसरी के पुत्र हैं, पवन देव की कृपा से जन्मे, और परंपरा में रुद्र के अंश माने गए हैं। रामायण में वे श्रीराम के दूत हैं — जिन्होंने समुद्र लाँघकर लंका में सीता जी को खोजा, और संजीवनी न पहचान पाने पर पूरा पर्वत ही उठा लाए। उनका बल कभी अपने लिए प्रयोग नहीं हुआ, और बल से अधिक इसी बात के लिए उनकी पूजा होती है। मंगलवार और शनिवार उनके वार हैं। सिंदूर और चमेली के तेल का चोला उन्हें चढ़ता है, बूँदी के लड्डू उनका भोग हैं, और हनुमान चालीसा तथा सुंदरकांड उनकी सबसे प्रचलित उपासना। संकट में उन्हें संकटमोचन कहकर पुकारा जाता है।

व्रत और त्योहार

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