विष्णु

विष्णु पालनकर्ता हैं — नारायण, जो सृष्टि को धारण करते हैं और धर्म के क्षीण होने पर अवतार लेकर उसे पुनः स्थापित करते हैं। राम और कृष्ण उन्हीं के अवतार हैं, और दशावतार की कथाएँ उसी एक वचन के बार-बार निभाए जाने की कथाएँ हैं। गुरुवार उनका वार है और एकादशी उनकी तिथि — मास में दो बार, वर्ष में चौबीस। तुलसी उन्हें हर पुष्प से अधिक प्रिय है; बिना तुलसीदल के उनका भोग अधूरा माना जाता है। ॐ नमो भगवते वासुदेवाय — द्वादशाक्षर मंत्र — उनकी उपासना का मूल है।

व्रत और त्योहार

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