प्रदोष व्रत
दोनों पक्षों की त्रयोदशी को रखा जाने वाला व्रत — मास में दो बार। इस व्रत की विशेषता समय है: संपूर्ण पूजा प्रदोष काल में, अर्थात सूर्यास्त के आसपास की संध्या में ही होती है, अन्य किसी समय नहीं। जिस वार को पड़े उसी नाम से पुकारा जाता है — सोम प्रदोष, भौम प्रदोष, शनि प्रदोष — और उस वार के देवता की पूजा भी शिव के साथ होती है।
अगली तिथि: 2026-09-09
देवता: शिव
vidhi
प्रातः स्नान करके शिव के समक्ष संकल्प लें और दिनभर जल तथा फल पर रहें — निर्जल केवल तभी, जब स्वास्थ्य अनुमति दे।,दोपहर बाद पुनः स्नान करें और सूर्यास्त से पहले तैयार हो जाएँ, क्योंकि संपूर्ण पूजा प्रदोष काल की है।,ईशान कोण की ओर मुख करके शिवलिंग का जल से अभिषेक करें, अथवा पंचामृत से — अंत सदैव जल से ही करें।,बेलपत्र, सफेद पुष्प, चंदन, भस्म और अक्षत अर्पित करें, और सूर्यास्त होते ही घी का दीपक जलाएँ।,ॐ नमः शिवाय का एक सौ आठ बार जप करें, फिर प्रदोष व्रत कथा सुनें।,प्रदोष काल की समाप्ति पर आरती करें, भोग लगाएँ, और उसके बाद ही व्रत खोलें।katha
यह व्रत भी समुद्र मंथन से जुड़ा है। जब मंथन से हलाहल निकला तो देव और असुर दोनों भागे; शिव ने वह विष पीकर कंठ में रोक लिया, और तभी मंथन आगे बढ़ सका और अंततः अमृत प्राप्त हुआ। अमृत के हर्ष में देवता यह भूल गए कि यह संभव किसके कारण हुआ। जब स्मरण आया तो वे त्रयोदशी के दिन कैलाश जाकर बिना किसी बहाने के शिव के सम्मुख खड़े हो गए। शिव ने तत्काल क्षमा कर दिया — कथा इस बात पर विशेष बल देती है कि उन्हें मनाना कितना सरल था — और उसी प्रसन्नता में वे संध्या बेला में नंदी के सींगों के बीच नृत्य करने लगे, और सब देवता उसे देखते रहे। वही संध्या बेला प्रदोष है, और इसीलिए यह व्रत दिन से नहीं, घड़ी से बँधा है। माना जाता है कि त्रयोदशी को, जिस बेला में शिव ने नृत्य किया था, उनसे जो माँगा जाए वह अस्वीकार नहीं होता। यह व्रत नियम से अधिक किसी विशेष संकट के निवारण के लिए रखा जाता है, और उन थोड़े से व्रतों में है जिनमें उपवास न कर सकने वाले भी केवल सूर्यास्त की पूजा में सम्मिलित होकर पूरा फल पा सकते हैं।mantra
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अभिषेक के लिए जल, और पंचामृत बनाना हो तो दूध, दही, घी, शहद और शक्कर,बेलपत्र, सफेद पुष्प और धतूरा,चंदन, भस्म और अक्षत,रुई की बाती वाला घी का दीपक, धूप और कपूर,भोग के लिए फल और सफेद मिठाई,रुद्राक्ष माला, और जप हेतु ऊन अथवा कुश का आसनआगामी तिथियां
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