आज का पंचांग 15 सितंबर 2026: श्रावण शुक्ल चतुर्थी, मंगलवार का शुभ मुहूर्त, राहु काल और नक्षत्र
मंगलवार, 15 सितंबर 2026 का पंचांग। श्रावण शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 07:45 तक। नक्षत्र स्वाति (पाद 3), योग इन्द्र, करण विष्टि (भद्रा)। राहु काल 15:20 – 16:53, अभिजित मुहूर्त 11:51 – 12:40। आज ऋषि पंचमी, गणेश चतुर्थी है।
आज का पंचांग 15 सितंबर 2026 — वैदिक पंचांग के अनुसार आज श्रावण शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है (14 सितंबर, 07:08 – 15 सितंबर, 07:45)। नक्षत्र स्वाति (पाद 3), योग इन्द्र और करण विष्टि (भद्रा) रहेगा। नीचे मंगलवार के सूर्योदय-सूर्यास्त, चंद्रोदय, शुभ मुहूर्त, राहु काल और चौघड़िया का पूरा विवरण दिया गया है। आज ऋषि पंचमी, गणेश चतुर्थी है।
आज का व्रत और त्योहार
- ऋषि पंचमी
- गणेश चतुर्थी
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रमा का समय
| सूर्योदय | 06:07 |
| सूर्यास्त | 18:25 |
| चंद्रोदय | 10:00 |
| चंद्रास्त | 20:44 |
ये समय नई दिल्ली के लिए हैं। सूर्योदय हर नगर में अलग होता है, और चूँकि अधिकांश व्रत की तिथि सूर्योदय से तय होती है, सीमावर्ती मामलों में अपने नगर का पंचांग ज़रूर मिला लें।
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | शुक्ल पक्ष चतुर्थी |
| तिथि का समय | 14 सितंबर, 07:08 – 15 सितंबर, 07:45 |
| वार | मंगलवार |
| नक्षत्र | स्वाति (पाद 3) |
| योग | इन्द्र |
| करण | विष्टि (भद्रा) |
| तिथि के देवता | गणेश |
| नक्षत्र स्वामी | राहु |
| नक्षत्र देवता | वायु |
| गण | देव |
तिथि दिन का नाम नहीं, समय का खंड है — वह किसी भी घड़ी शुरू होकर किसी भी घड़ी समाप्त हो सकती है। इसीलिए किसी पर्व की तारीख़ यह देखकर तय होती है कि उसका निर्धारित काल किस दिन उस तिथि से मिल रहा है।
संवत, मास और ऋतु
| विक्रम संवत | 2083 |
| शक संवत | 1948 |
| मास (पूर्णिमांत) | भाद्रपद |
| पक्ष | शुक्ल |
| ऋतु | वर्षा |
| अयन | दक्षिणायन |
| सूर्य राशि | सिंह |
| चंद्र राशि | तुला |
आज का शुभ मुहूर्त
| अभिजित मुहूर्त | 11:51 – 12:40 |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:31 – 05:19 |
अभिजित मुहूर्त दिन का मध्य भाग है और अधिकांश शुभ कार्यों के लिए स्वयंसिद्ध माना जाता है; ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से लगभग डेढ़ घंटा पहले का समय है, जो जप, ध्यान और पाठ के लिए श्रेष्ठ कहा गया है।
आज का अशुभ काल
| राहु काल | 15:20 – 16:53 |
| गुलिक काल | 12:16 – 13:48 |
| यमगण्ड | 09:11 – 10:43 |
इन अवधियों में नया कार्य आरंभ करने से परंपरा में बचा जाता है। ध्यान रहे कि ये तीनों वार और सूर्योदय-सूर्यास्त से निकलते हैं, इसलिए हर दिन और हर नगर में इनका समय बदलता है — यही वजह है कि किसी एक शहर का राहु काल दूसरे शहर पर लागू नहीं होता।
आज का चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- रोग: 06:07 – 07:39
- उद्वेग: 07:39 – 09:11
- चल: 09:11 – 10:43
- लाभ: 10:43 – 12:16
- अमृत: 12:16 – 13:48
- काल: 13:48 – 15:20
- शुभ: 15:20 – 16:53
- रोग: 16:53 – 18:25
रात का चौघड़िया
- अमृत: 18:25 – 19:53
- काल: 19:53 – 21:20
- शुभ: 21:20 – 22:48
- रोग: 22:48 – 00:16
- उद्वेग: 00:16 – 01:43
- चल: 01:43 – 03:11
- लाभ: 03:11 – 04:39
- अमृत: 04:39 – 06:07
चौघड़िया में अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं; रोग, काल और उद्वेग से बचा जाता है और चल सामान्य है।
आगामी व्रत और त्योहार
- पार्श्व एकादशी 2026: तारीख और व्रत विधि
- राधा अष्टमी (19 सितंबर): व्रत विधि और व्रत दोपहर में ही क्यों खुलता है
- अनंत चतुर्दशी और गणेश विसर्जन 2026: तारीख और विधि
- पार्श्व एकादशी (22 सितंबर): व्रत विधि, पारण समय और विष्णु जी का करवट लेना
आज के पंचांग का सार
मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को श्रावण शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है। शुभ कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:51 – 12:40 सबसे उपयुक्त है, और राहु काल 15:20 – 16:53 में नया आरंभ टाल देना चाहिए। रोज़ का अपडेटेड पंचांग आज का पंचांग पर देखा जा सकता है, और अपने शहर की तिथि व राहु काल अलग से भी।
यह पंचांग वैदिक गणना और सिद्धांत ग्रंथों की मान्यताओं पर आधारित है। क्षेत्र और परंपरा के अनुसार तिथि-निर्णय में अंतर हो सकता है; संशय की स्थिति में अपने कुल-पुरोहित से पुष्टि कर लें।