आज की तिथि — शुक्रवार, 4 सितंबर 2026

तिथि हिंदू कैलेंडर का दिन है — वह सूर्य और चंद्रमा के बीच की दूरी से बनती है, घड़ी से नहीं।

तिथि
Ashtami
पक्ष
Krishna
चंद्र राशि
Vrishabh (Taurus)

तिथि कैसे तय होती है

जब चंद्रमा सूर्य से बारह अंश आगे बढ़ जाता है, तब एक तिथि पूरी होती है। चंद्रमा की गति एक समान न होने से तिथि की लंबाई भी बदलती है — कोई उन्नीस घंटे की, कोई छब्बीस घंटे की। इसीलिए तिथि दिन के बीच में कभी भी बदल सकती है।

पक्ष और तीस तिथियां

एक चंद्र मास में तीस तिथियां होती हैं, पंद्रह-पंद्रह के दो पक्षों में। शुक्ल पक्ष अमावस्या के बाद पूर्णिमा तक, कृष्ण पक्ष उसके बाद अमावस्या तक। पंद्रहवीं का नाम शुक्ल में पूर्णिमा और कृष्ण में अमावस्या हो जाता है।

उदया तिथि का नियम

अधिकतर व्रतों के लिए नियम है उदया तिथि — सूर्योदय के समय जो तिथि हो, दिन उसी का। कुछ पर्व अपवाद हैं: गणेश चतुर्थी मध्याह्न देखती है और जन्माष्टमी मध्यरात्रि। यही कारण है कि कभी दो पंचांग एक त्योहार की अलग तारीख छापते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तिथि और तारीख में क्या अंतर है?

तारीख हमेशा चौबीस घंटे की होती है; तिथि चंद्रमा की चाल से बनती है और उन्नीस से छब्बीस घंटे तक की हो सकती है।

एक ही दिन दो तिथियां कैसे हो सकती हैं?

यदि कोई तिथि सूर्योदय के तुरंत बाद समाप्त हो जाए। व्रत उदया तिथि से तय होता है।

पक्ष कितने होते हैं?

दो — शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष।

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