आज का पंचांग 18 अगस्त 2026: श्रावण शुक्ल षष्ठी, मंगलवार का शुभ मुहूर्त, राहु काल और नक्षत्र
मंगलवार, 18 अगस्त 2026 का पंचांग। श्रावण शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि 17:52 तक। नक्षत्र स्वाति (पाद 1), योग शुक्ल, करण तैतिल। राहु काल 15:40 – 17:18, अभिजित मुहूर्त 11:58 – 12:51। आज मंगला गौरी व्रत है।
आज का पंचांग 18 अगस्त 2026 — वैदिक पंचांग के अनुसार आज श्रावण शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है (17 अगस्त, 17:01 – 18 अगस्त, 17:52)। नक्षत्र स्वाति (पाद 1), योग शुक्ल और करण तैतिल रहेगा। नीचे मंगलवार के सूर्योदय-सूर्यास्त, चंद्रोदय, शुभ मुहूर्त, राहु काल और चौघड़िया का पूरा विवरण दिया गया है। आज मंगला गौरी व्रत है।
आज का व्रत और त्योहार
- मंगला गौरी व्रत
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रमा का समय
| सूर्योदय | 05:53 |
| सूर्यास्त | 18:56 |
| चंद्रोदय | 11:15 |
| चंद्रास्त | 22:11 |
ये समय नई दिल्ली के लिए हैं। सूर्योदय हर नगर में अलग होता है, और चूँकि अधिकांश व्रत की तिथि सूर्योदय से तय होती है, सीमावर्ती मामलों में अपने नगर का पंचांग ज़रूर मिला लें।
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | शुक्ल पक्ष षष्ठी |
| तिथि का समय | 17 अगस्त, 17:01 – 18 अगस्त, 17:52 |
| वार | मंगलवार |
| नक्षत्र | स्वाति (पाद 1) |
| योग | शुक्ल |
| करण | तैतिल |
| तिथि के देवता | कार्तिकेय |
| नक्षत्र स्वामी | राहु |
| नक्षत्र देवता | वायु |
| गण | देव |
तिथि दिन का नाम नहीं, समय का खंड है — वह किसी भी घड़ी शुरू होकर किसी भी घड़ी समाप्त हो सकती है। इसीलिए किसी पर्व की तारीख़ यह देखकर तय होती है कि उसका निर्धारित काल किस दिन उस तिथि से मिल रहा है।
संवत, मास और ऋतु
| विक्रम संवत | 2083 |
| शक संवत | 1948 |
| मास (पूर्णिमांत) | श्रावण |
| पक्ष | शुक्ल |
| ऋतु | वर्षा |
| अयन | दक्षिणायन |
| सूर्य राशि | सिंह |
| चंद्र राशि | तुला |
| संक्रांति | सिंह संक्रांति |
आज का शुभ मुहूर्त
| अभिजित मुहूर्त | 11:58 – 12:51 |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:17 – 05:05 |
अभिजित मुहूर्त दिन का मध्य भाग है और अधिकांश शुभ कार्यों के लिए स्वयंसिद्ध माना जाता है; ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से लगभग डेढ़ घंटा पहले का समय है, जो जप, ध्यान और पाठ के लिए श्रेष्ठ कहा गया है।
आज का अशुभ काल
| राहु काल | 15:40 – 17:18 |
| गुलिक काल | 12:24 – 14:02 |
| यमगण्ड | 09:08 – 10:46 |
इन अवधियों में नया कार्य आरंभ करने से परंपरा में बचा जाता है। ध्यान रहे कि ये तीनों वार और सूर्योदय-सूर्यास्त से निकलते हैं, इसलिए हर दिन और हर नगर में इनका समय बदलता है — यही वजह है कि किसी एक शहर का राहु काल दूसरे शहर पर लागू नहीं होता।
आज का चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- रोग: 05:53 – 07:30
- उद्वेग: 07:30 – 09:08
- चल: 09:08 – 10:46
- लाभ: 10:46 – 12:24
- अमृत: 12:24 – 14:02
- काल: 14:02 – 15:40
- शुभ: 15:40 – 17:18
- रोग: 17:18 – 18:56
रात का चौघड़िया
- अमृत: 18:56 – 20:18
- काल: 20:18 – 21:40
- शुभ: 21:40 – 23:02
- रोग: 23:02 – 00:24
- उद्वेग: 00:24 – 01:46
- चल: 01:46 – 03:08
- लाभ: 03:08 – 04:30
- अमृत: 04:30 – 05:53
चौघड़िया में अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं; रोग, काल और उद्वेग से बचा जाता है और चल सामान्य है।
आगामी व्रत और त्योहार
- व्रत में नमक क्यों छोड़ते हैं, और सेंधा नमक क्यों चलता है?
- दुर्गा अष्टमी (20 अगस्त 2026): पूजा विधि, कथा और महत्व
- ओणम 2026: तिथि और महत्व
- रक्षाबंधन 2026: तिथि, मुहूर्त समय और यह ग्रहण के दिन क्यों पड़ रहा है
आज के पंचांग का सार
मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को श्रावण शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है। शुभ कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:58 – 12:51 सबसे उपयुक्त है, और राहु काल 15:40 – 17:18 में नया आरंभ टाल देना चाहिए। रोज़ का अपडेटेड पंचांग आज का पंचांग पर देखा जा सकता है, और अपने शहर की तिथि व राहु काल अलग से भी।
यह पंचांग वैदिक गणना और सिद्धांत ग्रंथों की मान्यताओं पर आधारित है। क्षेत्र और परंपरा के अनुसार तिथि-निर्णय में अंतर हो सकता है; संशय की स्थिति में अपने कुल-पुरोहित से पुष्टि कर लें।