आज का पंचांग 7 सितंबर 2026: श्रावण कृष्ण एकादशी, सोमवार का शुभ मुहूर्त, राहु काल और नक्षत्र
सोमवार, 7 सितंबर 2026 का पंचांग। श्रावण कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 17:04 तक। नक्षत्र पुनर्वसु (पाद 2), योग व्यतीपात, करण बव। राहु काल 07:37 – 09:11, अभिजित मुहूर्त 11:54 – 12:44। आज अजा एकादशी है।
आज का पंचांग 7 सितंबर 2026 — वैदिक पंचांग के अनुसार आज श्रावण कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है (6 सितंबर, 19:29 – 7 सितंबर, 17:04)। नक्षत्र पुनर्वसु (पाद 2), योग व्यतीपात और करण बव रहेगा। नीचे सोमवार के सूर्योदय-सूर्यास्त, चंद्रोदय, शुभ मुहूर्त, राहु काल और चौघड़िया का पूरा विवरण दिया गया है। आज अजा एकादशी है।
आज का व्रत और त्योहार
- अजा एकादशी
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रमा का समय
| सूर्योदय | 06:03 |
| सूर्यास्त | 18:34 |
| चंद्रोदय | 01:35 |
| चंद्रास्त | 16:05 |
ये समय नई दिल्ली के लिए हैं। सूर्योदय हर नगर में अलग होता है, और चूँकि अधिकांश व्रत की तिथि सूर्योदय से तय होती है, सीमावर्ती मामलों में अपने नगर का पंचांग ज़रूर मिला लें।
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | कृष्ण पक्ष एकादशी |
| तिथि का समय | 6 सितंबर, 19:29 – 7 सितंबर, 17:04 |
| वार | सोमवार |
| नक्षत्र | पुनर्वसु (पाद 2) |
| योग | व्यतीपात |
| करण | बव |
| तिथि के देवता | Vishvadeva |
| नक्षत्र स्वामी | गुरु |
| नक्षत्र देवता | अदिति |
| गण | देव |
तिथि दिन का नाम नहीं, समय का खंड है — वह किसी भी घड़ी शुरू होकर किसी भी घड़ी समाप्त हो सकती है। इसीलिए किसी पर्व की तारीख़ यह देखकर तय होती है कि उसका निर्धारित काल किस दिन उस तिथि से मिल रहा है।
संवत, मास और ऋतु
| विक्रम संवत | 2083 |
| शक संवत | 1948 |
| मास (पूर्णिमांत) | भाद्रपद |
| पक्ष | कृष्ण |
| ऋतु | वर्षा |
| अयन | दक्षिणायन |
| सूर्य राशि | सिंह |
| चंद्र राशि | मिथुन |
आज का शुभ मुहूर्त
| अभिजित मुहूर्त | 11:54 – 12:44 |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:27 – 05:15 |
अभिजित मुहूर्त दिन का मध्य भाग है और अधिकांश शुभ कार्यों के लिए स्वयंसिद्ध माना जाता है; ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से लगभग डेढ़ घंटा पहले का समय है, जो जप, ध्यान और पाठ के लिए श्रेष्ठ कहा गया है।
आज का अशुभ काल
| राहु काल | 07:37 – 09:11 |
| गुलिक काल | 13:53 – 15:27 |
| यमगण्ड | 10:45 – 12:19 |
इन अवधियों में नया कार्य आरंभ करने से परंपरा में बचा जाता है। ध्यान रहे कि ये तीनों वार और सूर्योदय-सूर्यास्त से निकलते हैं, इसलिए हर दिन और हर नगर में इनका समय बदलता है — यही वजह है कि किसी एक शहर का राहु काल दूसरे शहर पर लागू नहीं होता।
आज का चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- अमृत: 06:03 – 07:37
- काल: 07:37 – 09:11
- शुभ: 09:11 – 10:45
- रोग: 10:45 – 12:19
- उद्वेग: 12:19 – 13:53
- चल: 13:53 – 15:27
- लाभ: 15:27 – 17:01
- अमृत: 17:01 – 18:34
रात का चौघड़िया
- उद्वेग: 18:34 – 20:01
- चल: 20:01 – 21:27
- लाभ: 21:27 – 22:53
- अमृत: 22:53 – 00:19
- काल: 00:19 – 01:45
- शुभ: 01:45 – 03:11
- रोग: 03:11 – 04:37
- उद्वेग: 04:37 – 06:03
चौघड़िया में अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं; रोग, काल और उद्वेग से बचा जाता है और चल सामान्य है।
आगामी व्रत और त्योहार
- गणेशोत्सव 2026 विसर्जन तिथियाँ: डेढ़, 3, 5, 7 और 10 दिन — अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर
- गणेश चतुर्थी 2026: तिथि, मुहूर्त और स्थापना विधि
- प्रदोष व्रत (9 सितंबर): पूजा विधि और संध्याकालीन व्रत का महत्व
- मासिक शिवरात्रि (10 सितंबर): व्रत विधि और शिव की मासिक रात्रि का महत्व
आज के पंचांग का सार
सोमवार, 7 सितंबर 2026 को श्रावण कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है। शुभ कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:54 – 12:44 सबसे उपयुक्त है, और राहु काल 07:37 – 09:11 में नया आरंभ टाल देना चाहिए। रोज़ का अपडेटेड पंचांग आज का पंचांग पर देखा जा सकता है, और अपने शहर की तिथि व राहु काल अलग से भी।
यह पंचांग वैदिक गणना और सिद्धांत ग्रंथों की मान्यताओं पर आधारित है। क्षेत्र और परंपरा के अनुसार तिथि-निर्णय में अंतर हो सकता है; संशय की स्थिति में अपने कुल-पुरोहित से पुष्टि कर लें।