आज का पंचांग 20 अक्टूबर 2026: आश्विन शुक्ल नवमी, मंगलवार का शुभ मुहूर्त, राहु काल और नक्षत्र
मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 का पंचांग। आश्विन शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि 12:50 तक। नक्षत्र श्रवण (पाद 3), योग शूल, करण कौलव। राहु काल 14:55 – 16:20, अभिजित मुहूर्त 11:43 – 12:28। आज विजयादशमी (दशहरा), महानवमी, शारदीय नवरात्रि — दिन 9 है।
आज का पंचांग 20 अक्टूबर 2026 — वैदिक पंचांग के अनुसार आज आश्विन शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि है (19 अक्टूबर, 10:52 – 20 अक्टूबर, 12:50)। नक्षत्र श्रवण (पाद 3), योग शूल और करण कौलव रहेगा। नीचे मंगलवार के सूर्योदय-सूर्यास्त, चंद्रोदय, शुभ मुहूर्त, राहु काल और चौघड़िया का पूरा विवरण दिया गया है। आज विजयादशमी (दशहरा), महानवमी, शारदीय नवरात्रि — दिन 9 है।
आज का व्रत और त्योहार
- विजयादशमी (दशहरा)
- महानवमी
- शारदीय नवरात्रि — दिन 9
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रमा का समय
| सूर्योदय | 06:25 |
| सूर्यास्त | 17:45 |
| चंद्रोदय | 14:18 |
| चंद्रास्त | 00:29 |
ये समय नई दिल्ली के लिए हैं। सूर्योदय हर नगर में अलग होता है, और चूँकि अधिकांश व्रत की तिथि सूर्योदय से तय होती है, सीमावर्ती मामलों में अपने नगर का पंचांग ज़रूर मिला लें।
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | शुक्ल पक्ष नवमी |
| तिथि का समय | 19 अक्टूबर, 10:52 – 20 अक्टूबर, 12:50 |
| वार | मंगलवार |
| नक्षत्र | श्रवण (पाद 3) |
| योग | शूल |
| करण | कौलव |
| तिथि के देवता | दुर्गा |
| नक्षत्र स्वामी | चंद्र |
| नक्षत्र देवता | विष्णु |
| गण | देव |
तिथि दिन का नाम नहीं, समय का खंड है — वह किसी भी घड़ी शुरू होकर किसी भी घड़ी समाप्त हो सकती है। इसीलिए किसी पर्व की तारीख़ यह देखकर तय होती है कि उसका निर्धारित काल किस दिन उस तिथि से मिल रहा है।
संवत, मास और ऋतु
| विक्रम संवत | 2083 |
| शक संवत | 1948 |
| मास (पूर्णिमांत) | आश्विन |
| पक्ष | शुक्ल |
| ऋतु | Sharada |
| अयन | दक्षिणायन |
| सूर्य राशि | तुला |
| चंद्र राशि | मकर |
आज का शुभ मुहूर्त
| अभिजित मुहूर्त | 11:43 – 12:28 |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:49 – 05:37 |
अभिजित मुहूर्त दिन का मध्य भाग है और अधिकांश शुभ कार्यों के लिए स्वयंसिद्ध माना जाता है; ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से लगभग डेढ़ घंटा पहले का समय है, जो जप, ध्यान और पाठ के लिए श्रेष्ठ कहा गया है।
आज का अशुभ काल
| राहु काल | 14:55 – 16:20 |
| गुलिक काल | 12:05 – 13:30 |
| यमगण्ड | 09:15 – 10:40 |
इन अवधियों में नया कार्य आरंभ करने से परंपरा में बचा जाता है। ध्यान रहे कि ये तीनों वार और सूर्योदय-सूर्यास्त से निकलते हैं, इसलिए हर दिन और हर नगर में इनका समय बदलता है — यही वजह है कि किसी एक शहर का राहु काल दूसरे शहर पर लागू नहीं होता।
आज का चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- रोग: 06:25 – 07:50
- उद्वेग: 07:50 – 09:15
- चल: 09:15 – 10:40
- लाभ: 10:40 – 12:05
- अमृत: 12:05 – 13:30
- काल: 13:30 – 14:55
- शुभ: 14:55 – 16:20
- रोग: 16:20 – 17:45
रात का चौघड़िया
- काल: 17:45 – 19:20
- लाभ: 19:20 – 20:55
- उद्वेग: 20:55 – 22:31
- शुभ: 22:31 – 00:06
- अमृत: 00:06 – 01:41
- चल: 01:41 – 03:16
- रोग: 03:16 – 04:51
- काल: 04:51 – 06:26
चौघड़िया में अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं; रोग, काल और उद्वेग से बचा जाता है और चल सामान्य है।
आगामी व्रत और त्योहार
आज के पंचांग का सार
मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को आश्विन शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि है। शुभ कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:43 – 12:28 सबसे उपयुक्त है, और राहु काल 14:55 – 16:20 में नया आरंभ टाल देना चाहिए। रोज़ का अपडेटेड पंचांग आज का पंचांग पर देखा जा सकता है, और अपने शहर की तिथि व राहु काल अलग से भी।
यह पंचांग वैदिक गणना और सिद्धांत ग्रंथों की मान्यताओं पर आधारित है। क्षेत्र और परंपरा के अनुसार तिथि-निर्णय में अंतर हो सकता है; संशय की स्थिति में अपने कुल-पुरोहित से पुष्टि कर लें।