आज का पंचांग 23 सितंबर 2026: भाद्रपद शुक्ल द्वादशी, बुधवार का शुभ मुहूर्त, राहु काल और नक्षत्र
बुधवार, 23 सितंबर 2026 का पंचांग। भाद्रपद शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि 22:50 तक। नक्षत्र श्रवण (पाद 4), योग सुकर्मा, करण बव। राहु काल 12:13 – 13:44, अभिजित मुहूर्त 11:49 – 12:37।
आज का पंचांग 23 सितंबर 2026 — वैदिक पंचांग के अनुसार आज भाद्रपद शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि है (22 सितंबर, 21:43 – 23 सितंबर, 22:50)। नक्षत्र श्रवण (पाद 4), योग सुकर्मा और करण बव रहेगा। नीचे बुधवार के सूर्योदय-सूर्यास्त, चंद्रोदय, शुभ मुहूर्त, राहु काल और चौघड़िया का पूरा विवरण दिया गया है।
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रमा का समय
| सूर्योदय | 06:10 |
| सूर्यास्त | 18:15 |
| चंद्रोदय | 16:21 |
| चंद्रास्त | 03:39 |
ये समय नई दिल्ली के लिए हैं। सूर्योदय हर नगर में अलग होता है, और चूँकि अधिकांश व्रत की तिथि सूर्योदय से तय होती है, सीमावर्ती मामलों में अपने नगर का पंचांग ज़रूर मिला लें।
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | शुक्ल पक्ष द्वादशी |
| तिथि का समय | 22 सितंबर, 21:43 – 23 सितंबर, 22:50 |
| वार | बुधवार |
| नक्षत्र | श्रवण (पाद 4) |
| योग | सुकर्मा |
| करण | बव |
| तिथि के देवता | विष्णु |
| नक्षत्र स्वामी | चंद्र |
| नक्षत्र देवता | विष्णु |
| गण | देव |
तिथि दिन का नाम नहीं, समय का खंड है — वह किसी भी घड़ी शुरू होकर किसी भी घड़ी समाप्त हो सकती है। इसीलिए किसी पर्व की तारीख़ यह देखकर तय होती है कि उसका निर्धारित काल किस दिन उस तिथि से मिल रहा है।
संवत, मास और ऋतु
| विक्रम संवत | 2083 |
| शक संवत | 1948 |
| मास (पूर्णिमांत) | भाद्रपद |
| पक्ष | शुक्ल |
| ऋतु | वर्षा |
| अयन | दक्षिणायन |
| सूर्य राशि | कन्या |
| चंद्र राशि | मकर |
आज का शुभ मुहूर्त
| अभिजित मुहूर्त | 11:49 – 12:37 |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:34 – 05:22 |
अभिजित मुहूर्त दिन का मध्य भाग है और अधिकांश शुभ कार्यों के लिए स्वयंसिद्ध माना जाता है; ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से लगभग डेढ़ घंटा पहले का समय है, जो जप, ध्यान और पाठ के लिए श्रेष्ठ कहा गया है।
आज का अशुभ काल
| राहु काल | 12:13 – 13:44 |
| गुलिक काल | 10:42 – 12:13 |
| यमगण्ड | 07:41 – 09:12 |
इन अवधियों में नया कार्य आरंभ करने से परंपरा में बचा जाता है। ध्यान रहे कि ये तीनों वार और सूर्योदय-सूर्यास्त से निकलते हैं, इसलिए हर दिन और हर नगर में इनका समय बदलता है — यही वजह है कि किसी एक शहर का राहु काल दूसरे शहर पर लागू नहीं होता।
आज का चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- लाभ: 06:10 – 07:41
- अमृत: 07:41 – 09:12
- काल: 09:12 – 10:42
- शुभ: 10:42 – 12:13
- रोग: 12:13 – 13:44
- उद्वेग: 13:44 – 15:14
- चल: 15:14 – 16:45
- लाभ: 16:45 – 18:15
रात का चौघड़िया
- रोग: 18:15 – 19:45
- उद्वेग: 19:45 – 21:14
- चल: 21:14 – 22:44
- लाभ: 22:44 – 00:13
- अमृत: 00:13 – 01:42
- काल: 01:42 – 03:12
- शुभ: 03:12 – 04:41
- रोग: 04:41 – 06:10
चौघड़िया में अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं; रोग, काल और उद्वेग से बचा जाता है और चल सामान्य है।
आगामी व्रत और त्योहार
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आज के पंचांग का सार
बुधवार, 23 सितंबर 2026 को भाद्रपद शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि है। शुभ कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:49 – 12:37 सबसे उपयुक्त है, और राहु काल 12:13 – 13:44 में नया आरंभ टाल देना चाहिए। रोज़ का अपडेटेड पंचांग आज का पंचांग पर देखा जा सकता है, और अपने शहर की तिथि व राहु काल अलग से भी।
यह पंचांग वैदिक गणना और सिद्धांत ग्रंथों की मान्यताओं पर आधारित है। क्षेत्र और परंपरा के अनुसार तिथि-निर्णय में अंतर हो सकता है; संशय की स्थिति में अपने कुल-पुरोहित से पुष्टि कर लें।