आज का पंचांग 8 अक्टूबर 2026: भाद्रपद कृष्ण त्रयोदशी, गुरुवार का शुभ मुहूर्त, राहु काल और नक्षत्र
गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 का पंचांग। भाद्रपद कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 22:16 तक। नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (पाद 2), योग शुक्ल, करण Garija। राहु काल 13:36 – 15:03, अभिजित मुहूर्त 11:45 – 12:31। आज प्रदोष व्रत है।
आज का पंचांग 8 अक्टूबर 2026 — वैदिक पंचांग के अनुसार आज भाद्रपद कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है (7 अक्टूबर, 23:17 – 8 अक्टूबर, 22:16)। नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (पाद 2), योग शुक्ल और करण Garija रहेगा। नीचे गुरुवार के सूर्योदय-सूर्यास्त, चंद्रोदय, शुभ मुहूर्त, राहु काल और चौघड़िया का पूरा विवरण दिया गया है। आज प्रदोष व्रत है।
आज का व्रत और त्योहार
- प्रदोष व्रत
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रमा का समय
| सूर्योदय | 06:18 |
| सूर्यास्त | 17:58 |
| चंद्रोदय | 03:49 |
| चंद्रास्त | 16:33 |
ये समय नई दिल्ली के लिए हैं। सूर्योदय हर नगर में अलग होता है, और चूँकि अधिकांश व्रत की तिथि सूर्योदय से तय होती है, सीमावर्ती मामलों में अपने नगर का पंचांग ज़रूर मिला लें।
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | कृष्ण पक्ष त्रयोदशी |
| तिथि का समय | 7 अक्टूबर, 23:17 – 8 अक्टूबर, 22:16 |
| वार | गुरुवार |
| नक्षत्र | पूर्वा फाल्गुनी (पाद 2) |
| योग | शुक्ल |
| करण | Garija |
| तिथि के देवता | कामदेव |
| नक्षत्र स्वामी | शुक्र |
| नक्षत्र देवता | भग |
| गण | मनुष्य |
तिथि दिन का नाम नहीं, समय का खंड है — वह किसी भी घड़ी शुरू होकर किसी भी घड़ी समाप्त हो सकती है। इसीलिए किसी पर्व की तारीख़ यह देखकर तय होती है कि उसका निर्धारित काल किस दिन उस तिथि से मिल रहा है।
संवत, मास और ऋतु
| विक्रम संवत | 2083 |
| शक संवत | 1948 |
| मास (पूर्णिमांत) | आश्विन |
| पक्ष | कृष्ण |
| ऋतु | वर्षा |
| अयन | दक्षिणायन |
| सूर्य राशि | कन्या |
| चंद्र राशि | सिंह |
आज का शुभ मुहूर्त
| अभिजित मुहूर्त | 11:45 – 12:31 |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:42 – 05:30 |
अभिजित मुहूर्त दिन का मध्य भाग है और अधिकांश शुभ कार्यों के लिए स्वयंसिद्ध माना जाता है; ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से लगभग डेढ़ घंटा पहले का समय है, जो जप, ध्यान और पाठ के लिए श्रेष्ठ कहा गया है।
आज का अशुभ काल
| राहु काल | 13:36 – 15:03 |
| गुलिक काल | 09:13 – 10:41 |
| यमगण्ड | 06:18 – 07:46 |
इन अवधियों में नया कार्य आरंभ करने से परंपरा में बचा जाता है। ध्यान रहे कि ये तीनों वार और सूर्योदय-सूर्यास्त से निकलते हैं, इसलिए हर दिन और हर नगर में इनका समय बदलता है — यही वजह है कि किसी एक शहर का राहु काल दूसरे शहर पर लागू नहीं होता।
आज का चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- शुभ: 06:18 – 07:46
- रोग: 07:46 – 09:13
- उद्वेग: 09:13 – 10:41
- चल: 10:41 – 12:08
- लाभ: 12:08 – 13:36
- अमृत: 13:36 – 15:03
- काल: 15:03 – 16:30
- शुभ: 16:30 – 17:58
रात का चौघड़िया
- अमृत: 17:58 – 19:31
- चल: 19:31 – 21:03
- रोग: 21:03 – 22:36
- काल: 22:36 – 00:08
- लाभ: 00:08 – 01:41
- उद्वेग: 01:41 – 03:14
- शुभ: 03:14 – 04:46
- अमृत: 04:46 – 06:19
चौघड़िया में अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं; रोग, काल और उद्वेग से बचा जाता है और चल सामान्य है।
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आज के पंचांग का सार
गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को भाद्रपद कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। शुभ कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:45 – 12:31 सबसे उपयुक्त है, और राहु काल 13:36 – 15:03 में नया आरंभ टाल देना चाहिए। रोज़ का अपडेटेड पंचांग आज का पंचांग पर देखा जा सकता है, और अपने शहर की तिथि व राहु काल अलग से भी।
यह पंचांग वैदिक गणना और सिद्धांत ग्रंथों की मान्यताओं पर आधारित है। क्षेत्र और परंपरा के अनुसार तिथि-निर्णय में अंतर हो सकता है; संशय की स्थिति में अपने कुल-पुरोहित से पुष्टि कर लें।