आज का चौघड़िया — सोमवार, 19 अक्टूबर 2026
चौघड़िया दिन और रात को आठ-आठ हिस्सों में बांटकर बताता है कि कौन सा समय किस काम के लिए ठीक है।
दिन का चौघड़िया
- अमृत: 06:25 – 07:50
- काल: 07:50 – 09:15
- शुभ: 09:15 – 10:40
- रोग: 10:40 – 12:06
- उद्वेग: 12:06 – 13:31
- चल: 13:31 – 14:56
- लाभ: 14:56 – 16:21
- अमृत: 16:21 – 17:46
रात का चौघड़िया
- चल: 17:46 – 19:21
- रोग: 19:21 – 20:56
- काल: 20:56 – 22:31
- लाभ: 22:31 – 00:06
- उद्वेग: 00:06 – 01:41
- शुभ: 01:41 – 03:16
- अमृत: 03:16 – 04:51
- चल: 04:51 – 06:25
सात चौघड़िया और उनका अर्थ
हर चौघड़िया एक ग्रह के अधीन होता है। अमृत (चंद्र) सबसे शुभ है। शुभ (गुरु) मांगलिक कार्यों के लिए। लाभ (बुध) व्यापार और पढ़ाई के लिए। चल (शुक्र) यात्रा के लिए। उद्वेग (सूर्य), काल (शनि) और रोग (मंगल) में नया काम शुरू करने से बचा जाता है।
चौघड़िया कैसे बनता है
सूर्योदय से सूर्यास्त तक का समय आठ बराबर भागों में बंटता है, और वही सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक फिर से। दिन का पहला चौघड़िया वार से तय होता है। रात का क्रम दिन से अलग होता है।
चौघड़िया कब काम आता है
जब विधिवत मुहूर्त निकलवाने की ज़रूरत न हो — दुकान खोलना, खरीदारी, यात्रा। राहु काल और चौघड़िया दोनों उन्हीं आठ हिस्सों पर बनते हैं, इसलिए राहु काल हमेशा किसी एक चौघड़िया पर ठीक बैठता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सबसे शुभ चौघड़िया कौन सा है?
अमृत। इसके बाद शुभ और लाभ।
कौन से चौघड़िया में काम नहीं करना चाहिए?
उद्वेग, काल और रोग।
दिन और रात का चौघड़िया अलग क्यों होता है?
दोनों अलग गिने जाते हैं और शुरुआती क्रम वार के हिसाब से अलग होता है।