आज का शुभ मुहूर्त — सोमवार, 19 अक्टूबर 2026
दिन में दो समय ऐसे हैं जो लगभग हर काम के लिए शुभ माने जाते हैं, और तीन ऐसे जिनसे बचा जाता है।
- अभिजित मुहूर्त
- 11:43 – 12:28
- ब्रह्म मुहूर्त
- 04:49 – 05:37
- राहु काल
- 07:50 – 09:15
- गुलिक काल
- 13:31 – 14:56
- यमगण्ड
- 10:40 – 12:06
अभिजित मुहूर्त
दिन को पंद्रह मुहूर्तों में बांटा जाता है और आठवां अभिजित कहलाता है — ठीक मध्याह्न के आस-पास, लगभग अड़तालीस मिनट का। इसे स्वयंसिद्ध माना जाता है। जब कोई विधिवत मुहूर्त उपलब्ध न हो, तब अभिजित में काम शुरू करना सुरक्षित माना जाता है।
ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय से लगभग एक घंटा छत्तीस मिनट पहले शुरू होकर अड़तालीस मिनट चलने वाला यह समय पूजा, ध्यान और अध्ययन के लिए सबसे उपयुक्त माना गया है। यह काम शुरू करने का नहीं, साधना का समय है।
जिन घड़ियों से बचा जाता है
राहु काल, गुलिक काल और यमगण्ड — तीनों में नई शुरुआत टाली जाती है। इनकी जांच अभिजित के साथ करना उपयोगी है, क्योंकि कभी अभिजित इनमें से किसी पर आ जाता है; तब परंपरा राहु काल को भारी मानती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अभिजित मुहूर्त कितने बजे होता है?
सूर्योदय और सूर्यास्त के मध्य बिंदु के आस-पास लगभग अड़तालीस मिनट — हर दिन और शहर में थोड़ा अलग।
ब्रह्म मुहूर्त में क्या करना चाहिए?
पूजा, ध्यान, जप, स्वाध्याय।
अगर शुभ मुहूर्त राहु काल में पड़ जाए तो?
परंपरा राहु काल को भारी मानती है; काम आगे-पीछे कर लिया जाता है।